व्यक्तित्व (personality) का अर्थ, परिभाषा और विशेषता

व्यक्तित्व Personality क्या हैं यह प्रश्न अकसर कई लोगों द्वारा पूछा जाता हैं। हर व्यक्ति का अपना एक पहलू होता हैं। इसके अर्थ को दो रूपों में देखा जाता हैं। पहला हम किसी व्यक्ति को उसके आकार के रूप में देखतें हैं, की वह कैसा दिख रहा हैं आदि। दूसरा वह व्यक्ति कैसा सोचता हैं कैसे चलता हैं या कैसे बोलता हैं?


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व्यक्तित्व Personality का अर्थ, परिभाषा और विशेषता

हम सभी इन बातों को देखकर किसी व्यक्ति के व्यवहार का निर्धारण करते हैं वह व्यक्ति कैसा होगा। पर वास्तव में इसका अर्थ इससे कई व्यापक हैं और आज हम यही आपको बताएंगे कि व्यक्तित्व Personality क्या हैं और किसी व्यक्ति के व्यक्तित्व का मापन कैसे होता हैं। तो आइये इसके अर्थ, परिभाषा, विशेषता और इसकी मापन विधियों पर नजर डालते हैं।

व्यक्तित्व का अर्थ [Meaning of Personality]

किसी व्यक्ति को सिर्फ उसके आकर के अनुसार देख कर उसके बारे में अनुमान लगा लेना शायद गलत होगा। यहाँ इसका अर्थ हैं कि उस व्यक्ति का किसी वस्तु को देखने का नजरिया (Vision) क्या हैं और किसी वस्तु या किसी प्राणी को वह किस प्रकार देखता हैं, वह कैसा सोचता हैं। सम्पूर्ण रूप में हम कहें तो व्यक्ति के आंतरिक पहलुओं को हम उस व्यक्ति के व्यक्तित्व के रूप में स्वीकार करते हैं।

व्यक्तित्व की परिभाषा [Definition of Personality]

इसकी परिभाषा भिन्न-भिन्न लोगों ने अपने दृष्टिकोण के अनुसार दी हैं क्योंकि इसी को हम व्यक्तित्व की व्यक्तिगत भिन्नता के रूप में देखते हैं। क्योंकि हर व्यक्ति का सोचने एवं देखने का नजरिया दूसरे व्यक्ति से भिन्न होता हैं क्योंकि दो व्यक्ति की सोच और दृष्टिकोण एक जैसे नही होते। तो चलिये जानते हैं इसकी परिभाषा किस प्रकार हैं-


“व्यक्तित्व जन्मजात और अर्जित विशेषताओं का योग हैं।”

वैलेंटाइन


“यह रुचियों का वह आकलन है जो व्यक्ति के व्यवहार को एक विशेष प्रकार का व्यक्तित्व रूप प्रदान करता हैं।”

मैकर्डि

इसकी परिभाषा कई लोगों ने अपने दृष्टिकोण के अनुसार दी हैं परंतु वर्तमान समय के अनुसार इसकी सटीक परिभाषा देने का कार्य ओलोपोर्ट ने किया-

“यह व्यक्ति के अंदर उन मनोशारीरिक संस्थाओं का योग हैं, जो वातावरण के साथ उसका समायोजन स्थापित करता हैं।”

ओलोपोर्ट

जानें- 110 Psychology Facts (हिंदी में)

व्यक्तित्व की विशेषता [Characteristics of Personality]

  • इसमें व्यक्तियों के आंतरिक पक्ष पर बल दिया जाता हैं।
  • यह परिवर्तनशील होता हैं क्योंकि व्यक्ति सदैव कुछ ना कुछ सीखते रहता हैं और अपने व्यवहार में परिवर्तन लाते रहता हैं।
  • यह स्वचलित होता हैं अर्थात कोई व्यक्ति अपने आप के असली रूप को कितना ही छुपाना चाहे पर वह अपनी क्रिया के माध्यम से संचालित कर ही देता हैं।
  • व्यक्ति के व्यक्तित्व [Personality] के निर्धारक घटक उसका पर्यावरण और वंशानुगत होता हैं। इन्ही के द्वारा उसका मानसिक एवं बौद्धिक विकास होता हैं।
  • यह सामाजिक दृष्टिकोण का मूर्त रूप हैं।

मापन की विधियां (measurement methods)

किसी व्यक्ति के व्यवहार का पता लगाने के लिए दो विधियों का प्रयोग किया जाता हैं-

  • अप्रक्षेपी विधियां
  • प्रक्षेपी विधियां

1. अप्रक्षेपी विधियां (Non-Projective Methods) इस प्रकार की विधियों में दो प्रकार की विधियों का प्रयोग किया जाता हैं।

● व्यक्तिगत विधियां

● वस्तुनिष्ट विधियां

व्यक्तिनिष्ठ विधियों में उस व्यक्ति का अवलोकन, साक्षात्कार, प्रश्नावली, उसका इतिहास एवं उसकी आत्मकथा सुनकर उसके व्यक्तित्व का पता लगाने का प्रयास किया जाता हैं। इस प्रकार की विधि में व्यक्ति पर शोध किया जाता हैं एवं उसको अकेले बुलाकर उससे भिन्न-भिन्न प्रशन पूछे जाते हैं और उससे प्राप्त उत्तरों को लिखित रूप प्रदान कर उसके व्यवहार एवं उसके दृष्टिकोण का पता लगाया जाता हैं।

वस्तुनिष्ठ विधियों में उस व्यक्ति का परीक्षण वस्तु के द्वारा किया जाता हैं। इस प्रकार की विधि में रचना विधि, मनोनाटक जैसी विधियों का प्रयोग किया जाता हैं। इसमें जिस व्यक्ति का परीक्षण किया जाता हैं। उस व्यक्ति से चित्र एवं नाटक आदि करा कर उसका परीक्षण किया जाता हैं।

2. प्रक्षेपी विधियां [Projective Methods] – इस विधि के द्वारा व्यक्ति के आंतरिक मन को बाहर लाने का प्रयास किया जाता हैं। इस विधि का सर्वप्रथम उपयोग मनोवैज्ञानिक सिगमंड फ्राइड [Freud) ने किया था। उनका मानना था कि व्यक्ति का चरित्र उसके अचेतन मन में होता हैं और व्यक्ति के अचेतन मन की जाँच हेतु इस विधि का ही उपयोग किया जाता हैं।

इस विधि में रचना विधि और रोशा स्याही धब्बा परीक्षण का उपयोग प्रमुखता से किया जाता हैं। इस परीक्षण को खोज हरमन रोशा ने 1921 में कई थी। जिसमें व्यक्ति के अचेतन मन को कुछ कार्डो द्वारा बाहर निकालने का प्रयास किया गया।

निष्कर्ष (Conclusion)

चाहें हम कितनी ही विधियों का प्रयोग कर लें लेकिन किसी व्यक्ति के अचेतन मन मे छुपी बातों का पता पूर्ण रूप से लगा पाना संभव नहीं होता। हाँ हम उसके संबंध में अनुमान लगा सकते हैं यह पूर्ण रूप से सही नहीं होगा परंतु पूर्ण रूप से गलत भी हम इसे नही कहिंगे। दोस्तों आज आपने जाना व्यक्तित्व (Personality) का अर्थ,परिभाषा,विशेषता और इसकी मापन विधियां, आपकों हमारी पोस्ट द्वारा आपके प्रश्नो का उत्तर मिला हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी अवश्य शेयर करें एवं अपने सुझाव हेतु हमें कमेंट करें।

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