राष्ट्रीय आय (National Income in Hindi)

राष्ट्रीय आय (National Income) किसी देश की स्थिति का वर्णन करने में समर्थ हैं। यह राष्ट्र के विकसित, अविकसित या विकासशील स्थिति का अवलोकन करने में भी अपनी अहम भूमिका निभाती हैं।

राष्ट्रीय आय अर्थात राष्ट्र की आय वह आय जिससे किसी भी राष्ट्र का संचालन होता हैं। आज हम जनिंगे की राष्ट्रीय आय क्या हैं What is National Income. और भारत की राष्ट्रीय आय।

राष्ट्रीय आय क्या हैं (What is National Income)

राष्ट्रीय आय (National Income)

राष्ट्रीय आय को सामान्य रूप में समझने का प्रयास किया जाए तो राष्ट्रीय आय किसी भी राष्ट्र में उत्पादित समस्त वस्तुओं के मूल्यों का योग है। इसमें विदेश से अर्जित की गई आय को भी सम्मिलित किया जाता हैं। राष्ट्रीय आय किसी निश्चित समय की आय को दर्शाने का कार्य करती हैं। जैसे- भारत की राष्ट्रीय आय का आकलन करने हेतु 1 अप्रैल से 31 मार्च के मध्य के उत्पादन वस्तुओ के मूल्यों का आकलन किया जाता हैं।

राष्ट्रीय आय के पहलू

● सकल राष्ट्रीय उत्पाद GNP – राष्ट्र के लोगों द्वारा निर्मित वस्तुएं जिनका निर्माण किसी निश्चित समयाविधि (समय) में किया जाता हैं। उनसे प्राप्त होने वाले शुद्ध मूल्य को ही सकल राष्ट्रीय उत्पाद GNP कहा जाता हैं।

● शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद NNP – शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद को सामान्यतः लाभ की दृष्टि से देखा जाता हैं, अर्थात सकल राष्ट्रीय उत्पाद GNP से उत्पादन में लगे मूल्य को हटा दिया जाता हैं। जिसके पश्चात राष्ट्र की शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद ज्ञात हो जाता हैं।

                                    सूत्र- GNP-NNP

भारत की राष्ट्रीय आय (National Income of India)

भारत की राष्ट्रीय आय प्रत्येक राष्ट्र की तरफ सत्ता के सुलभ संचालन हेतु अति आवश्यक हैं। भारत की राष्ट्रीय आय की गणना करने का शुभारंभ सर्वप्रथम दादा भाई नोरोजी ने वर्ष 1867-1868 में किया था। उस समय नोरोजी ने अपने आकलन के अनुसार बताया कि भारत की प्रति व्यक्ति आय 20 रुपया हैं, अर्थात उस समय जो जनसंख्या रही होगी उसको 20 से भागा दे दिया जाए तो हमें जस समय की राष्ट्रीय आय ज्ञात हो जाएगी।

किसी भी राष्ट्र की राष्ट्रीय आय national income को ज्ञात करने हेतु उत्पाद पद्यति और आय पद्यति को अपनाया जाता हैं, तो आइए जानते है कि यह पद्यति क्या हैं?

1. आय पद्यति (Income Method) – इसके अंतर्गत उत्पादन के संसाधनों के लिए हुए भुगतान का योग निकाला जाता हैं और इसका उपयोग परिवहन,शासन-प्रशासन और उद्योग व्यापार जैसी सेवा प्रदाता की सकल घरेलु उत्पाद GDP का आकलन करने हेतु करते हैं।

2. उत्पाद पद्यति (Product Method) – इसके अंतर्गत सामान और सभी सेवाओं के शुद्ध मूल्य-वृद्धि का आकलन किया जाता हैं। इसका उपयोग कृषि,पशुपालन एवं उद्योग के क्षेत्र में किया जाता हैं।

(वर्तमान में भारत की राष्ट्रीय आय का आकलन केंद्रीय सांख्यकी संगठन द्वारा किया जाता हैं।)

निष्कर्ष-

राष्ट्रीय आय प्रत्येक राष्ट्र (देश) की संरचना एवं उसकी स्थिति को दर्शाने का कार्य करती हैं। सभी देशों का यही प्रयास रहता है कि वह अपनी राष्ट्रीय आय में वृद्धि करने का मार्ग खोजें और उनमें उन्हें सफलता मिले। राष्ट्रीय आय में वृद्धि राष्ट्र के विकास हेतु अति-आवश्यक हैं।

तो दोस्तों, आज आपने जाना कि राष्ट्रीय आय क्या हैं (What is National Income in Hindi) और भारत की राष्ट्रीय आय (National Income of India in Hindi) अगर आपको हमारी यह पोस्ट लाभवर्धक लगी हो तो इसे अपने मित्रों के साथ भी अवश्य शेयर करें।

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Pankaj Paliwal
नमस्कार दोस्तों मेरा नाम पंकज पालीवाल है, और मैं इस ब्लॉग का फाउंडर हूँ. मैंने एम.ए. राजनीति विज्ञान से किया हुआ है, एवं साथ मे बी.एड. भी किया है. अर्थात मुझे S.St. (Social Studies) से जुड़े तथ्यों का काफी ज्ञान है, और इस ज्ञान को पोस्ट के माध्य्म से आप लोगों के साथ साझा करना मुझे बहुत पसंद है. अगर आप S.St. से जुड़े प्रकरणों में रूचि रखते हैं, तो हमसे जुड़ने के लिए आप हमें सोशल मीडिया पर फॉलो कर सकते हैं।

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