अधिगम को प्रभावित करने वाले कारक

अधिगम को प्रभावित करने वाले कारक Factor Affecting Learning: अधिगम (Learning) एक ऐसी प्रक्रिया हैं जिसे शांत वातावरण एवं स्वस्थ मानसिक और शारीरिक स्थिति में ही किया जा सकता हैं। अधिगम को प्रभावित करने वाले कारकों में मानसिक और शारीरिक कारण प्रमुख होते हैं। इसके साथ ही Environmental और Genetic कारणों को भी अधिगम को प्रभावित करने वाले कारकों के रूप में देखा जाता है।

मनोवैज्ञानिक शोधों के अनुसार व्यक्ति अधिगम प्रक्रिया तभी कर पाता हैं जब वह शांत वातावरण में हो या उसे अपने उद्देश्यों का पूर्ण पता हो। जब व्यक्ति ऐसी स्थिति या परिस्थिति में होता है जो उसे अधिगम करने से रोकती हैं या अधिगम प्रक्रिया में रुकावट का काम करती हैं तो उन्ही तत्वों या कारणों को अधिगम को प्रभावित करने वाले कारक के रूप में जाना जाता हैं।

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हम आज इस पोस्ट के माध्यम से उन्ही कारकों या तत्वों का अध्ययन करने वाले हैं जो बालक की अधिगम प्रक्रिया को प्रभावित करने का कार्य करते हैं। तो चलिए जानते हैं अधिगम को प्रभावित करने वाले कारक कौन-कौन से हैं? Factor Affecting Learning in Hindi

अधिगम को प्रभावित करने वाले कारक – Factor Affecting Learning in Hindi

बालक के सामने कई ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं जिनके कारण छात्र की शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया प्रभावित (Factor Affecting Learning) हो सकती हैं। यह परिस्थिति कई कारणों या कारकों के कारण उत्पन्न हो सकती हैं जैसे –

1. पर्यावरण (Environmental) – पर्यावरण से तात्पर्य ऐसे वातावरण से हैं जिसके आस-पास छात्र रहते हैं। अर्थात छात्रों को अधिगम करने के लिए छात्रों के आस-पास अधिगम के अनुरूप वातावरण तैयार करना पड़ता हैं। जैसे- शांत वातावरण, लाइब्रेरी आदि।

पर्यावरण में अशांति, प्रदूषित और अधिगम का वातावरण न होने पर छात्रों के मध्य अधिगम नहीं हो पाता।

2. वंशानुगत (Genetic) – छात्रों का IQ (बुद्धिलब्धि) कई प्रकार से उनके माता-पिता और उनके दादा-दादी पर निर्भर करता हैं, अर्थात जैसे उनके पिता या माता का बुद्धि स्तर, अधिगम स्तर कम होगा। तो उसका असर उनके बालक पर भी पड़ता हैं। छात्र के माता पिता के गुण और अवगुणों का आना एक स्वभाविक बात हैं।

3. मानसिक (Mentality) – कई छात्र सदैव मानसिक परेशानियों से ग्रसित रहते हैं। जैसे- अध्यापक से प्रश्न करते समय संकोच करना, अन्य छात्रों से खुद को कम समझना या उनसे हीन भावना रखना,

4. शारिरिक (Physical) – शारीरिक भी अधिगम को प्रभावित करने वाला एक कारक होता हैं। कई छात्र शारीरिक रूप से स्वस्थ नहीं होते। जिस कारण वह खुद को दूसरे से कम सक्षम समझने लगते हैं। जिस कारण उनका मन पढ़ाई में नहीं लगता और वह सदैव हीन भावना से ग्रसित रहते हैं।

5. पारिवारिक समस्याएं (Family Problems) – कई बालकों की पारिवारिक स्थिति सही नहीं होती। कई बालको के माता-पिता बच्चों के सामने ही लड़ाई करना, बहस करना या अपने बच्चों को ज्यादा सुनाना या गुस्सा करना आदि करते हैं। जिस कारण बच्चें सदैव विद्यालय में अपनी पारिवारिक स्थिति के बारे में सोचते रहते हैं। जिस कारण वह अच्छे से अधिगम नहीं कर पाते।

6. आर्थिक समस्याएं (Financial Problems) – आर्थिक रूप से कमजोर छात्र सदैव किसी न किसी समस्या से ग्रसित रहते हैं। इसके साथ ही उन्हें वह सब चीज नहीं मिल पाती या वह सुविधा नहीं मिल पाती, जिनकी उन्हें आवश्यकता होती हैं। घर मे आर्थिक समस्या होने के कारण छात्र कम खुस रहते हैं और दूसरे छात्रों को अपने से अधिक श्रेष्ठ मानते हैं।

7. सांस्कृतिक/धार्मिक समस्याएं (Cultural Problems) – सांस्कृतिक और धार्मिक भिन्नताओं में ऐसी समस्याएं होती हैं जो छात्रों के मानसिक विकास में बाधा का कार्य कर सकती हैं। जैसे लड़कियों को लड़को से कम शैक्षिक संभावनाओं से वंचित रखना या पढ़ाई से अधिक समय अपनी संस्कृति या धर्म मे करना आदि।

8. सोशल मीडिया (Social Media) – आज के समय मे माता-पिता अपने बच्चों को मोबाइल फ़ोन का आदि बना देते हैं। जिस कारण छात्र सोशल मीडिया का उपयोग अधिक मात्रा में करते हैं। सोशल मीडिया के अधिक उपयोग के कारण छात्रों के मानसिक विकास और उनकी स्मृति स्तर में नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं। जिसके कारण बालको की अधिगम प्रक्रिया में बाधा पहुचती हैं।

संक्षेप में – Conclusion

अधिगम को प्रभावित करने वाले कारकों में मुख्य रूप में मानसिक और शारीरिक कारक आते हैं। जो छात्रों के आत्मविश्वास में कमी लाने का काम करते हैं। जिससे वह खुद को अन्य छात्रों से कम समझने लगते हैं। इसका असर यह होता हैं कि उनका मन पढ़ाई में नहीं लगता और मानसिक तनाव होने के कारण अधिगम करने में उन्हें समस्या का सामना करना पड़ता हैं।

अधिगम से संबंधित इन समस्याओं से बचने के लिए यह आवश्यक हैं कि बालकों को जितना हो सकें प्यार से और शांत रहके समझाया जाए। इसके साथ ही उन्हें ऐसा वातावरण दिया जाए जो छात्रों के अधिगम के अनुकूल हो। तो दोस्तों आज आपने अधिगम को प्रभावित करने वाले कारकों (Factor Affecting Learning in Hindi) के बारे में जाना। हम आशा करते हैं कि आपको हमारी यह पोस्ट पसंद आई हो। यदि आपके इस पोस्ट से संबंधित कोई विचार हो तो आप उन्हें कमेंट बॉक्स की सहायता से हम तक पहुचा सकते हैं।

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Pankaj Paliwal
नमस्कार दोस्तों मेरा नाम पंकज पालीवाल है, और मैं इस ब्लॉग का फाउंडर हूँ. मैंने एम.ए. राजनीति विज्ञान से किया हुआ है, एवं साथ मे बी.एड. भी किया है. अर्थात मुझे S.St. (Social Studies) से जुड़े तथ्यों का काफी ज्ञान है, और इस ज्ञान को पोस्ट के माध्य्म से आप लोगों के साथ साझा करना मुझे बहुत पसंद है. अगर आप S.St. से जुड़े प्रकरणों में रूचि रखते हैं, तो हमसे जुड़ने के लिए आप हमें सोशल मीडिया पर फॉलो कर सकते हैं।

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