शैक्षिक प्रशासन (Educational Administration in Hindi)

शैक्षिक प्रशासन (Educational Administration) को सामान्यतः शिक्षा की व्यवस्था करने वाले एक विभाग के तौर पर देखा जाता हैं, परंतु वास्तव में इसका अर्थ इससे कई व्यापक हैं। शैक्षिक प्रशासन के अर्थ को समझने से पूर्व आवश्यक है कि पहले “प्रशासन” के अर्थ को समझा जाए। प्रशासन का अंग्रेजी रूपांतरण हैं Administration जिसका निर्माण लैटिन भाषा के “मिनिस्टर” शब्द से हुआ हैं।

“मिनिस्टर” का अर्थ होता है, वह व्यक्ति जो सदैव दुसरो के हिट में कार्य करें। ब्रिटेनिका एनसाइक्लोपीडिया के अनुसार – Ad+Minister जिसका अर्थ है, कार्यो का निष्पादन करना अर्थात प्रबंध करना।

शैक्षिक प्रशासन का अर्थ Meaning of Educational Administration

शैक्षिक प्रशासन (Educational Administration) क्या हैं?

शैक्षिक प्रशासन अनेकों प्रशासनों में से ही एक हैं परंतु अन्य प्रशासनों की अपेक्षा इसके कार्यों में अधिक सावधानी बरती जाती हैं। छह वैज्ञानिक धारणाओं के साथ-साथ नैतिक-मूल्यों का भी पालन करता हैं। यह विद्यालय के अंतर्गत अपने कार्यों का संपादन करता है, जैसा कि हम जानते है कि विद्यालय समाज का लघु रूप होता हैं अर्थात यह विद्यालय के साथ-साथ सामाजिक विचारधाराओ को नियंत्रण कर उनका विकास करने में भी अपनी अहम भूमिका का निर्वहन करता हैं।

यह शिक्षक और छात्रों के मध्य अधिगमयुगम वातावरण का निर्माण करता हैं। जिससे शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को प्रभावशाली बनाया जा सकें। यह विद्यालय के समस्त कार्यों हेतु आवश्यक सामग्रियों का प्रबंध करता है साथ ही शिक्षा की क्रियान्वयन व्यवस्था एवं समय-सारणी का निर्माण करने में भी अपनी अहम भूमिका निभाता हैं। यह प्रशासन छात्रों के व्यक्तित्व निर्माण हेतु भी प्रयास करता रहता है और साथ ही को-करिकुलम एक्टिविटीज का प्रबंधन करने का उत्तरदायित्व भी इसी पर निर्भर करता हैं।

शैक्षिक प्रशासन की परिभाषाएं Definition of Educational Administration

शैक्षिक प्रशासन की परिभाषा अनेकों विद्वानों के द्वारा दी गयी हैं जो निम्न प्रकार हैं –

मार्स और रॉस के अनुसार “छात्रों के विकास को अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर करना एवं अध्यापकों की सहायता से समूहों के उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु उन्हें साधनों की ओर प्रेरित करना।”

वीश और रफनर के अनुसार “शैक्षिक प्रशासन वह प्रक्रिया है, जिसके द्वारा शिक्षा के लक्ष्यों को आसानी से प्राप्त किया जा सकता हैं।”

इन समस्त परिभाषाओं का मूल अर्थ अगर निकाला जाए तो “प्रशासन वह है जो शिक्षा के उद्देश्यों को प्राप्त करने में अध्यापकों की सहायता करता है एवं यह शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को प्रभावशाली बनाने का कार्य करता है और साथ ही शिक्षा से संबंधित समस्त कार्यों का आयोजन करने का कार्य भी करता हैं।

शैक्षिक प्रशासन के कार्य एवं उद्देश्य Functions and objectives of educational administration

1. यह छात्रों का सर्वागीण विकास कराने में शिक्षकों की सहायता करता है और साथ ही विद्यालय का वातावरण का निर्माण कुछ इस तरह करता है, जिससे शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को प्रभावशाली बनाया जा सकें।

2. यह विद्यालय के समस्त कार्यों का आयोजन करता है और उन कार्यों के निर्माण के उद्देश्यों की प्राप्ति में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करता हैं।

3. यह समाज की आवश्यकताओं के अनुसार शिक्षा की संरचना तैयार करता है साथ ही सरकार की योजनाओं को अपने स्तर पर क्रियान्वयन करने का कार्य भी इसी के द्वारा किया जाता हैं।

4. यह राष्ट्र की परिस्थितियों एवं आवश्यकताओं के अनुसार शिक्षा के क्षेत्र में परिवर्तन लाने का कार्य करता है। जिससे राष्ट्रीय विकास एवं उत्त्पत्ति को निरंतर गतिशील रखा जा सकें।

5. यह छात्रों के नैतिक-मूल्यों का विकास करता है और लोकतांत्रिक दृष्टिकोण का विकास करता है साथ ही यह छात्रों में नैतिक-मूल्यों,सांस्कृतिक एवं सामाजिक गुणों का विकास करता हैं।

6. विद्यालय के वातावरण का निर्माण छात्रों की रुचि के अनुसार बनाने का कार्य करता है, जिससे शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को सुदृण बनाया जा सकें।

7. यह छात्रों की शिक्षा प्राप्ति की गणना करने हेतु समय-समय पर मूल्यांकन पद्धति का क्रियान्वयन करता है। जिससे छात्रों के बौद्धिक स्तर का पता लगाकर उनको आवश्यक शिक्षा प्रदान की जा सकें।

8. यह विद्यालय के कार्यो का सही ढंग से क्रियान्वयन करने हेतु शैक्षिक प्रशासन (Educational Administration) से सम्बंधित समस्त व्यक्तियों के मध्य समन्वय स्थापित करना का कार्य करता है। जिससे शिक्षा के लक्ष्यों की सरलता से प्राप्ति की जा सकें।

शैक्षिक प्रशासन की प्रक्रिया Process of Educational Administration

शैक्षिक प्रशासन के चरणों का क्रियान्वयन क्रमबद्ध एवं संगठित तरीके से किया जाता है। जिससे शिक्षण प्रक्रिया की व्यवस्था करने एवं उसे सुचारू रूप से चलाने में किसी समस्या का सामना न करना पड़े। शैक्षिक प्रशासन की इस प्रक्रिया को क्रमबद्ध तरीके से वर्णन करने हेतु बी.सियर्स ने अपनी पुस्तक “द नेचर ऑफ द एडमिनिस्ट्रेशन प्रोसेस” (The Nature of the Administration Process) में इस प्रक्रिया को 5 भागों में विभक्त किया हैं –

1. योजना Planing – कोई भी प्रशासन अपने किसी भी लक्ष्य एवं उद्देश्य की प्राप्ति हेतु पहले उसकी एक रूपरेखा तैयार करता हैं। जैसे- उसे कब क्या और कैसे करना हैं। जिससे उस लक्ष्य की प्राप्ति में किसी समस्या का सामना ना करना पडे।

2. संगठन Organization – संगठन अर्थात “व्यक्तियों का वह समूह जो किसी उद्देश्य की प्राप्ति हेतु एक साथ मिलकर कार्य करते हैं।” शिक्षा के प्रत्येक उद्देश्यों की प्राप्ति तभी संभव है जब शिक्षा के प्रशासन के प्रत्येक सदस्यों के मध्य समन्वय हो और वह मिलकर अपने-अपने कार्यों को पूर्ण निष्ठा से निर्वहन करें।

3. निर्देशन Direction – किसी भी कार्य के सफलता हेतु सही निर्देशन की आवश्यकता होती है अर्थात ऐसा व्यक्तित्व वाला व्यक्ति जिसमें नेतृत्व की कुशलता विद्यमान हो जो कार्य को सफल बनाने हेतु संगठन को उचित मार्ग प्रशस्त कर सकें साथ ही जो समस्या-समाधान की कुशलता में भी निपुर्ण हो। जिससे वह किसी भी परिस्थिति में सही निर्णय लेने के योग्य हो।

4. समन्वय Co-ordination – शिक्षा के उद्देश्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने हेतु यह आवश्यक है कि प्रशासन के समस्त व्यक्तियों के मध्य समन्वय स्थापित किया जाए। जिससे किसी भी व्यक्ति में हिंन भावना एवं विरोधासपथ परिस्थिति की भावना की अनुभूति ना हों।

5. नियंत्रण Control – शैक्षिक प्रशासन के कार्यो एवं लक्ष्यों की पूर्ण रूप से प्राप्ति करने हेतु यह आवश्यक है कि प्रशासन पर किसी सर्वोच्च सत्ता का नियंत्रण हो अन्यथा संगठन अपनी मनमानी में भी उतर सकता है। जिससे छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ सकता हैं।

निष्कर्ष Conclusion

शैक्षिक प्रशासन कला और विज्ञान दोनों है क्योंकि इसमें कौशलों (Skill) के साथ-साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण की भी आवश्यकता पड़ती है। जिससे शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया की गुणवत्ता में वृद्धि की जाती है। शैक्षिक प्रशासन सर्वाधिक उत्तरदायित्वो का निर्वहन करने वाला प्रशासन है। जो छात्रों के लिए सांस्कृतिक, सामाजिक, वैज्ञानिक,आर्थिक एवं धार्मिक सभी प्रकार की शिक्षा की व्यवस्था करता हैं।

तो दोस्तों, आज आपने जाना कि शैक्षिक प्रशासन क्या हैं (What is Educational Administration in Hindi) और यह किस तरह कार्य करता है। अगर आपको हमारी यह पोस्ट अच्छी लगी हो तो आप इसे अपने मित्रों के साथ भी शेयर करें और अपने सुझाव प्रकट करने हेतु हमें कमेंट करें।

Previous articleभीमराव अंबेडकर
Next articleमौलिक कर्तव्य
नमस्कार दोस्तों मेरा नाम पंकज पालीवाल है, और मैं इस ब्लॉग का फाउंडर हूँ. मैंने एम.ए. राजनीति विज्ञान से किया हुआ है, एवं साथ मे बी.एड. भी किया है. अर्थात मुझे S.St. (Social Studies) से जुड़े तथ्यों का काफी ज्ञान है, और इस ज्ञान को पोस्ट के माध्य्म से आप लोगों के साथ साझा करना मुझे बहुत पसंद है. अगर आप S.St. से जुड़े प्रकरणों में रूचि रखते हैं, तो हमसे जुड़ने के लिए आप हमें सोशल मीडिया पर फॉलो कर सकते हैं।

3 COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here