श्यामपट्ट कौशल

श्यामपट्ट कौशल (Blackboard Skill) सूक्ष्म शिक्षण के विभिन्न कौशलों का एक अंग हैं। शिक्षण प्रशिक्षण के दौरान सूक्ष्म शिक्षण के अंतर्गत छात्रों के इस कोशल का विकास किया जाता हैं। इस कौशल के विकास के बिना कोई भी छात्र उत्तम शिक्षक नही बन सकता। एक शिक्षक को श्यामपट्ट कौशल का ज्ञान होना बहुत आवश्यक हैं। जैसे- श्यामपट्ट पर जो कुछ भी लिखा जाए वो पहले छात्रों को मौखिक रूप से कह दिया जाए और श्यामपट्ट पर लिखते समय शिक्षक को उसे मौखिक रूप से दोहराते रहना चाहिए।

जिससे छात्र सक्रिय रहे और कक्षा अनुशासन में रहें। दोस्तों आज इस पोस्ट के माध्यम से जनिंगे की श्यामपट्ट कौशल (Blackboard Skill) क्या हैं? इसके प्रयोग में बरतने वाली सावधानियां?

श्यामपट्ट कोशल (Blackboard Skill) क्या हैं?

श्यामपट्ट कौशल ( Blackboard Skill) क्या है?

श्यामपट्ट कौशल शिक्षण प्रक्रिया का एक भाग हैं। एक शिक्षक इसी के माध्यम से शिक्षण-अधिगम कार्य का प्रारंभ करता हैं। इसी के जरिए एक शिक्षक अपने प्रकरण को अपने छात्रों के समक्ष रखता हैं और उन्हें समझाता हैं। लिखते समय शिक्षक को को बीच-बीच में विद्यार्थियों को देखते रहना चाहिए कि वह अनुशासनहीनता तो नही कर रहें। शिक्षक को पढ़ाते समय अपने हाथों को अपने पॉकेट में नही डालना चाहिए और शिक्षक को चमकीली चीजें नही पहननी चाहिए अन्यथा छात्रों का ध्यान पढ़ाई से हटकर वह जा सकता हैं।

शिक्षक को श्यामपट्ट पर लिखी हुई बातें तभी तक रहने देनी चाहिए जब तक उस पर बात चल रही हों बात खत्म हो जाने के बाद उसे श्यामपट्ट से हटा देना चाहिए। शिक्षक को चॉक के साथ नही खेलना चाहिए। श्यामपट्ट पर लिखने का अवसर छात्रों को भी देना चाहिए जिससे उनके मनोबल में वृद्धि हो सकें। लिखने के बाद चॉक को टेबल पर आराम से रखना चाहिए। जिससे उसे रखने की आवाज न आये।

अंत मे प्रकरण की समाप्ति के साथ श्यामपट्ट को डस्टर से साफ कर देना चाहिए और डस्टर का प्रयोग सदैव ऊपर से नीचें की ओर करना चाहिए। जिससे डस्ट कक्षा में न फैले और शिक्षक और छात्रों के कपड़े गंदे न हो। श्यामपट्ट का प्रयोग कर लेने के बाद शिक्षक को पढ़ाते समय दोनों पैरों में खड़ा होना चाहिए। एक शिक्षक को श्यामपट्ट कौशल (Blackboard Skill) के अंतर्गत इन समस्त बातों को ध्यान में रखना चाहिए।

श्यामपट्ट कौशल (Blackboard Skill) के प्रयोग में क्या-क्या सावधानियां बरतनी चाहिए –

1. श्यामपट्ट काला होना चाहिए एवं इसका धरातल चिकना होना चाहिए। जिससे उस पर सरलता से लिखा जा सकें। श्यामपट्ट पर व्यर्थ की बाते नही लिखनी चाहिए।

2. श्यामपट्ट कक्षा के मध्य में लगा होना चाहिए जिससे कक्षा में उपस्थित सभी छात्र उसे आसानी से देख सकें। श्यामपट्ट पर जो भी लिखा जाए वह शुद्ध, आकर्षित और स्पष्ट होना चाहिए।

3. श्यामपट्ट में सीधी पंक्तियों में लिखना चाहिए और लिखने की गति धीमी नही नही होनी चाहिए। श्यामपट्ट पर महत्वपूर्ण चीजों को ही लिखना चाहिए।

4. श्यामपट्ट पर लिखते समय शिक्षक को इस प्रकार खड़ा होना चाहिए कि उसकी पीठ कक्षा के सम्मुख नही होनी चाहिए।

5. श्यामपट्ट पर लिखते समय शिक्षक को बायां पैर आगे रखना चाहिए और श्यामपट्ट पर रंगीन चॉक का भी प्रयोग करना चाहिए अर्थात कोई चित्र या ग्राफ बनाने के लिए रंगीन चॉक का ही प्रयोग करना चाहिए।

6. श्यामपट्ट पर लिखते समय शिक्षक को यह ध्यान रखना चाहिए कि उसका कोई भाग किसी ओर बैठे हुए बालको के लिए चमक तो नही रहा हैं यदि ऐसा हो यो शिक्षक को छात्रों की बैठने की व्यवस्था दूसरी जगह करनी चाहिए।

7. श्यामपट्ट को ऊपर से नींचे तक नही भरना चाहिए अन्यथा पीछे बैठे बच्चों को उसे देखने में परेशानियों का सामना करना पडेगा।

दोस्तों आज अपने इस पोस्ट के माध्यम से जाना कि श्यामपट्ट कौशल (Blackboard Skill) क्या हैं एवं इसके प्रयोग में कौन-कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए? आपको हमारी पोस्ट लाभ प्राप्त हुआ हो और कुछ नया जानने को मिला हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी अवश्य शेयर करें ताकि वह भी इसका लाभ उठा सकें। अपने सुझाव देने के लिए हमें नींचे दिये गए संदेश बॉक्स से हमें संदेश भेजें।

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26 COMMENTS

    • श्यामपट्ट का मुख्य उद्देश्य शिक्षा को प्रभावशाली बनाना है , जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में वृद्धि की जा सकें।

  1. गणित में त्रिकोणमितीय पढ़ाते समय आप किन नितियों का अनुसरण करेंगे???

  2. श्यामपट्ट कौशल की मूल्यांकन तालिका में घटक बता दीजिए

  3. कौन से रंग का पट्ट छात्र के लिए सर्वाधिक उपयोगी है?

  4. श्याम पट्ट को साफ ऊपर से नीचे की तरफ किया जाना चाहिए या बाएं से दाएं की ओर

  5. श्यामपट्ट का अधिक से अधिक प्रयोग करना शिक्षण के किस सिद्धांत पर आधारित है?

    • शिक्षण अधिगम प्रणाली को प्रभावशाली बनने हेतु श्यामपट्ट की बहुत अहम भूमिका होती हे तो उस हिसाब से शिक्षक का मित्र कहना उचित होगा।

  6. अध्यापक द्वारा स्याम पट्ट पर लिखा ग्या कार्य कैसा माध्यम है ?

    • गद्य में श्यामपट्ट का प्रयोग कम किया जाता है, क्युकी उसका सम्पूर्ण कार्य व्याख्यान कौशल से हो जाता हैं , जबकि पद्य मे विभिन्न ऐसे शब्द होते है जिनके अर्थ को परिभाषित करने हेतु शायमपट्ट का उपयोग अनिवार्य हो जाता है।

    • अध्यापक को श्यामपट्ट के सामने ऐसे खड़ा होना चाहिए जिससे छात्रों को अध्यापक की पीठ न दिखे और जिससे अध्यापक आसानी से पीछे मुड़ कर देख सकें। श्यामपट्ट के कोने में खड़ा हो और बाया पैर श्यामपट्ट की और हो।

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