औपचारिक शिक्षा और अनौपचारिक शिक्षा में अंतर

औपचारिक शिक्षा और अनौपचारिक शिक्षा में अंतर क्या हैं (aupacharik aur anaupacharik siksha me antar) : दोस्तों इनके मध्य के अंतर को समझने के लिए पहले इनके अर्थ को जानना आवश्यक हैं। औपचारिक शिक्षा मान्यता प्राप्त शिक्षा होती हैं अनौपचारिक शिक्षा के विपरीत इस शिक्षा को प्रमुखता दी जाती रही हैं।

औपचारिक शिक्षा और अनौपचारिक शिक्षा में अंतर |aupacharik aur anaupacharik siksha me antar

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इसमें अध्यापक एवं छात्र एक दूसरे के सामने बैठकर सम्प्रेक्षण Communication करते हैं। औपचारिक शिक्षा को वास्तविक शिक्षा के नाम से भी जाना जाता हैं क्योंकि इसमें शिक्षण कार्य वास्तव में कक्षा-कक्ष में सम्पन्न कराया जाता हैं। दोस्तों औपचारिक शिक्षा अनुभवकारी शिक्षा होती हैं। आज हम इस पोस्ट में इसी के बारे में जनिंगे कि औपचारिक शिक्षा क्या हैं हिंदी में और औपचारिक शिक्षा हिंदी में और औपचारिक शिक्षा और अनौपचारिक शिक्षा में क्या अंतर हैं, aupacharik aur anaupacharik siksha me antar

औपचारिक शिक्षा

औपचारिक शिक्षा का समापन विधिपूर्वक एवं नीतियुक्त होता हैं। यह शिक्षा छात्रों को वास्तविक शिक्षा प्रदान करने में उनकी सहायता करती हैं। यह छात्रों को उनके स्तर और उनकी रुचि के अनुसार शिक्षा प्रदान करने का कार्य करती है। इसके क्रियान्वयन का कार्य पाठ्यक्रम के आधार पर क्रमबद्ध तरीके से होता हैं। इसमें अध्यापक छात्रों के समक्ष कक्षा में प्रकरण का उदाहरण पूर्वक प्रस्तुतिकरण करता हैं। इस शिक्षा के माध्यम से छात्रों का सर्वांगीण विकास पर बल दिया जाता हैं।

1- औपचारिक शिक्षा का कार्य विद्यालय में विधिपूर्वक किया जाता हैं। इसमें छात्र कक्षा में उपस्थित होकर शिक्षा ग्रहण करते है एवं अपने ज्ञान का विस्तार करते हैं।

2- यह छात्रों को अनुभव प्रदान करने में उनकी सहायता करती हैं। इसके द्वारा छात्र समाज के साथ समायोजन करने में सक्षम हो पाते हैं।

औपचारिक शिक्षा की विशेषताएं

3- इसके द्वारा छात्र जीविकोपार्जन करने योग्य बन पाते हैं एवं उनमें नेतृत्व की क्षमता का विकास होता हैं।

4- इसमें पाठ्यक्रम के साथ साथ सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को भी सम्मिलित किया जाता हैं।

5- यह छात्रों का सांस्कृतिक एवं नैतिक मूल्यों का विकास भी करती हैं उनके ज्ञानात्मक,भावात्मक एवं क्रियात्मक तीनों पक्षों का विकास इसके द्वारा किया जाता हैं।

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अनौपचारिक शिक्षा

दोस्तों, अनौपचारिक शिक्षा, औपचारिक शिक्षा के बिल्कुल विपरीत होती हैं समान्यतः दुरस्थ शिक्षा को अनौपचारिक शिक्षा का स्रोत माना जाता हैं। अनौपचारिक शिक्षा में छात्र विद्यालय में कक्षा-कक्ष में उपस्थित न होकर बाहर शिक्षा ग्रहण करते हैं।

औपचारिक शिक्षा और अनौपचारिक शिक्षा में अंतर (aupacharik aur anaupacharik siksha me antar)

● औपचारिक शिक्षा की एक समय सीमा होती है परंतु अनौपचारिक शिक्षा की कोई समय सीमा नहीं होती।

● जहाँ औपचारिक शिक्षा प्राप्त करने का स्रोत विद्यालय और शिक्षक होता हैं वही अनौपचारिक शिक्षा प्राप्त करने का स्रोत समाज, परिवार, सुझाव होते हैं।

● औपचारिक शिक्षा विधिपूर्वक एवं पाठ्यक्रम पर आधारित होती हैं वहीं अनौपचारिक शिक्षा बिना किसी विधि एवं बिना किसी पाठ्यक्रम के द्वारा प्राप्त होती हैं।

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● औपचारिक शिक्षा शिक्षक प्रदान करता हैं वहीं अनौपचारिक शिक्षा किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा दी जाती हैं वह बाहरी व्यक्ति अपने अनुभव और अपने सुझावों द्वारा यह शिक्षा प्रदान करता हैं।

● अनौपचारिक शिक्षा प्राप्ति की शुरुआत जन्म से ही शुरू हो जाती है और इसकी प्राप्ति मृत्यु तक होते रहती हैं जबकि औपचारिक शिक्षा प्राप्ति के लिए बालक एक निश्चित समय से शुरू कर एक निश्चित समय में खत्म हो जाती हैं अर्थात छात्रों के विद्यालय कार्यकाल तक ही यह शिक्षा प्राप्त होती हैं।

निष्कर्ष

तो दोस्तों, आज अपने जाना कि औपचारिक शिक्षा और अनौपचारिक शिक्षा में अंतर हिंदी में,औपचारिक शिक्षा हिंदी में,अनौपचारिक शिक्षा हिंदी में,diffrence between formal education and informal education in hindi, informal education in hindi, formal education in hindi, और औपचारिक शिक्षा और अनौपचारिक शिक्षा में अंतर क्या हैं, aupacharik aur anaupacharik siksha me antar हमारी पोस्ट आपको अच्छी लगी हो तो अपने दोस्तों के साथ भी इसे शेयर करें ताकि वह भी इसका लाभ उठा सकें।

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