हॉब्स के राजनीतिक विचार (Hobbes Political Thought in Hindi)

हॉब्स के राजनीतिक विचार Hobbes Political Thought में उन्होंने अपने कई दार्शनिक तत्वों को सम्मिलित किया है। उनके यह विचार रुसो,गैलीलियो जैसे महान राजनीतिज्ञों के विचारों से प्रभावित हुए हैं। हॉब्स का वैज्ञानिक भौतिकवाद (Scientific Materialism) हॉब्स की सबसे बड़ी देन हैं।

हॉब्स एक प्रमुख एवं विद्यान राजनीतिक एवं दार्शनिक थे। हॉब्स ने अपने राजनीतिक विचारों में रुसो के राजनीतिक विचारों को प्रमुख स्थान दिया हैं। आज हम जानिंगे कि हॉब्स ने अपने राजनीतिक विचारों में किन-किन बातों का उल्लेख किया हैं। Hobbes Political Thought.

हॉब्स के राजनीतिक विचार (Hobbes Political Thought)

hobbes political thought kya hai

हॉब्स के समस्त विचारों में वैज्ञानिक भौतिकवाद प्रमुख हैं। उन्होंने अपने समस्त विचारों को स्पष्ट करने हेतु वैज्ञानिक पध्दति पर बल दिया। जिस कारण उनके समस्त विचारों को वैज्ञानिक भौतिकवाद की संज्ञा दी जाती हैं। आज हम एक-एक करके उनके समस्त राजनीतिक विचारों का अध्ययन कारिंगे जो इस प्रकार हैं-

1) हॉब्स के राज्य से संबंधित वैज्ञानिक तथ्य Scientific facts related to Hobbes kingdom – जैसा कि हमने आपको बताया उन्होंने अपने समस्त विचारों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण सम्मिलित किया हैं। हॉब्स राज्य का वर्णन भी उसी आधार पर करते हैं। हॉब्स राज्य की उत्पत्ति मे मानव स्वभाव को मुख्य स्थान प्रदान करते हैं।

मानव स्वभाव में उन्होंने संवेगात्मक तत्वों (प्रेम,करुणा,क्रोध,ईर्षा आदि) को सम्मिलित किया हैं। हीगल राज्य और मानव को यंत्र का स्थान देते हैं। हॉब्स मानते हैं कि राज्य को मानव स्वभाव में गुणों के समावेश में वृद्धि करने के प्रयास खोजने चाहिए। जिससे राज्य में शांति स्थापित की जा सकें।

2) भौतिकवाद और मानव स्वभाव Materialism and Human Nature – हॉब्स मानव स्वभाव को व्यक्ति के एक यंत्र के रूप में स्वीकार करते हैं। जो जीवनपर्यंत क्रियाशील रहता हैं। वह शरीर को एक तत्व के रूप में परिभाषित करते हैं। उनके अनुसार व्यक्ति का मस्तिष्क इतना छोटा होता हैं कि उसे सूक्ष्मदर्शी यंत्र से भी नहीं देखा जा सकता। हॉब्स समान अधिकारों के पक्षधर थे। वह समस्त मनुष्यों को एक नजर से देख उनको अधिकार दिलाने के पक्ष में थे।

3) हॉब्स का सामाजिक समझौता सिद्धांत Hobbes Social Contract Theory – हॉब्स अपने सामाजिक समझौते सिद्धांत में रुसो के विचारों को ग्रहण करते हैं। हॉब्स (Hobbes) रुसो की तरह यह मानता हैं कि प्राकृतिक अवस्था मे मनुष्य असभ्य एवं हिंसावादी था। वह इर्ष्यवान, स्वार्थी एवं निर्दयी था। उसके अनुसार प्राकृतिक अवस्था मे मनुष्य जंगली था। वह दूसरे लोगों को मारकर लड़-झकडकर अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति करता था।

तत्पश्चात मनुष्यों ने इस स्थिति का समाधान निकालने हेतु एक समझौता किया। जिसमें उन्होंने अपने समस्त अधिकारों और अपनी स्वतंत्रता को एक निरंकुश सत्ता को दे दिया।

4) हॉब्स के संप्रभुता संबंधित विचार Hobbes Thought on Sovereignty – हॉब्स के अनुसार लोगों ने अपने समस्त अधिकारों को एक निरंकुश सत्ता को सौंप दिए थे। इसलिए हॉब्स संप्रभुता का निवास निरंकुश सत्ता में मानते हैं। हॉब्स संप्रभुता को सर्वोच्च और निरंकुश सत्ता मानता हैं। यह संप्रभुता को सर्वोच्च स्थान प्रदान करते हैं। यह संप्रभुता को भी वैज्ञानिक दृष्टिकोण में परिभाषित करने का कार्य करते हैं।

इन्होंने इसे परिभाषित करते हुए कहा कि लोगों ने स्वेच्छापूर्ण अपने समस्त अधिकारों को एक व्यक्ति को सौंपा हैं। जिससे शांति और सदभावना की स्थिति की जा सकें और वह अपने विवेक के अनुसार उन शक्तियों का प्रयोग शांति व्यवस्था कायम करने हेतु कर सकें।

5) हॉब्स के प्राकृतिक विधि संबंधित विचार Hobbes Thought on Natural Method – हॉब्स प्रारंभिक व्यक्ति को रुसो की भांति असभ्य,अज्ञानी,हिंसा प्रेमी और दरिद्र स्वभाव का मानते थे। तत्पश्चात वह इन सभी प्रवर्तीयो में शांतिपूर्ण वातावरण उत्त्पन्न करने का प्रयास करते हैं। जिससे मनोशारीरिक शांति एवं संवेगों में स्थिरता लाने के प्रयास से एक सामाजिक समझौते का जन्म हुआ। जिससे समाज मे शांति व्यवस्था कायम की जा सकें।

हॉब्स कानून की जननी संप्रभुता को मानते हैं, अर्थात निरंकुश सत्ता। जिनको जनता ने समस्त अधिकार प्रदान किये हैं। वह रुसो की भांति संप्रभुता को सर्वश्रेष्ठ स्थान प्रदान करते हैं एवं उसे सभी बंधनो से मुक्त रखते हैं।

6) हॉब्स के व्यक्तिवादी संबंधित विचार Hobbes Thought on Individualist – हॉब्स को पूर्ण रूप से व्यक्तिवादी विचारक मानना बिल्कुल असत्य हैं। हॉ उनमें व्यक्तिवादी के सूक्ष्म गुण अवश्य देखने को मिलते हैं। हॉब्स अपने सामाजिक समझौते को जन्म इसलिए देते हैं। ताकि व्यक्ति शांतिपूर्वक बिना किसी हिंसा के अपना जीवन यापन कर सकें और अपने जीवन को सुरक्षित रख सकें।

हॉब्स को व्यक्तिवादी विचारकों में सम्मिलित करने का प्रमुख कारण यह है कि वह अपने समस्त राजनीतिक विचारों में व्यक्ति की सुरक्षा एवं उसके सुखद जीवनयापन करने हेतु समस्त प्रयास करते हैं।

निष्कर्ष –

हॉब्स निरंकुश शासन के पक्षधर थे। वह राज्य में शांति स्थापना हेतु निरंकुश शासन का समर्थन करते है और इसे ही उत्तम मार्ग मानते थे। हॉब्स एक ऐसे राज्य की स्थापना करने का प्रयास करते हैं। जहाँ लोग शांतिपूर्वक अपना जीवनयापन कर सकें। वह एक शांतिप्रेमी व्यक्ति थे और उनके समस्त राजनेतिक विचारों Hobbes Political Thought में यह स्पष्ट रूप से देखा जा सकता हैं।

तो दोस्तों आज आपने हॉब्स के राजनीतिक विचारों (Hobbes Political Thought in Hindi) के संबंध में विस्तारपूर्वक अध्ययन किया। अगर आपको हमारी यह पोस्ट पसंद आई हो तो इसे अपने सभी मित्रों के साथ अवश्य शेयर करें।

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नमस्कार दोस्तों मेरा नाम पंकज पालीवाल है, और मैं इस ब्लॉग का फाउंडर हूँ. मैंने एम.ए. राजनीति विज्ञान से किया हुआ है, एवं साथ मे बी.एड. भी किया है. अर्थात मुझे S.St. (Social Studies) से जुड़े तथ्यों का काफी ज्ञान है, और इस ज्ञान को पोस्ट के माध्य्म से आप लोगों के साथ साझा करना मुझे बहुत पसंद है. अगर आप S.St. से जुड़े प्रकरणों में रूचि रखते हैं, तो हमसे जुड़ने के लिए आप हमें सोशल मीडिया पर फॉलो कर सकते हैं।

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